Sanjeevini India Diary
Motto of Life - A Poem in Hindi
जीवन में चलते रहना है
रुकना नहीं चलते रहना है
मंजिलों को पाते रहना है
ख़ुद को भी खोजते रहना है
हर किसी के खुशी को बढाना है
हर किसी के काम पे आना है
खुशियों को फैलाते जाना है
गम दर्द को मिटाते जाना है
बेद से दूर ही रहना है और
क्रोध को काबू में रकना है
इस वचन को प्रतिदिन निभाना है
रुकना नहीं चलते रहना है
पाएंगे तब जीवन में खुशी
कर देंगे सब चेहरे पे हसी
इस बात को ध्यान में रखना है और
जीवन साकार कराना है
जीवन में चलते रहना है
रुकना नहीं चलते रहना है
A Poem on Life (in Hindi)
दुनिया में आए हो तुम
चिन्ता क्यों करते हो मौत की तुम
जीना है तुम्हे एक बार
मरते हो तुम क्यों बार बार
जीवन मिला एक तुम्हें अनमोल
ख़ुदकुशी क्यों करते हो तुम
रोए हो तुम हँसने की चाह में
गिरे हो तुम खड़े होने की चाह में
चले हो तुम दौड़ने की चाह में
गलती किए हो तुम सुधारने की चाह में
कुछ खोए बिना पा नही सकते
हारे नही हो तुम जीते हो तुम
गम के बिना ना है इंसान कोई
संघर्ष के बिना ना पाया मंज़िल कोई
खिलते हुए चेहरे को देखो
रोते हुए चेहरे को पोंछो
हसते रहो हसाते रहो
ये जिन्दगी तुम्हारी है जीते रहो
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